खेल-खेल में पढ़ाई: सुपौल की शिक्षिका ऋचा कुमारी का अंदाज सोशल मीडिया पर वायरल
बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की तस्वीर तेजी से बदल रही है। राज्य के शिक्षक अपनी मेहनत और नवाचार (Innovation) से पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि एक आनंददायक अनुभव बना रहे हैं। इसी कड़ी में सुपौल जिले के किशनपुर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय कलबुद्ध टोला कटहरा में पदस्थापित शिक्षिका ऋचा कुमारी इन दिनों खासी चर्चा में हैं। बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने का उनका अनूठा अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग दिल से सराह रहे हैं।
मुख्य हाइलाइट्स (Key Highlights)
-
अनोखा शिक्षण अंदाज: खेल-खेल में और शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) के जरिए कठिन विषयों को बना रहीं बेहद आसान।
-
बढ़ी बच्चों की उपस्थिति: इस नवाचारी पद्धति से स्कूल में बच्चों की संख्या और सीखने की ललक में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
-
सोशल मीडिया पर धूम: अपनी शिक्षण गतिविधियों के वीडियो शेयर कर वे सूबे के अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित कर रही हैं।
-
प्रमुख सम्मान: जिला प्रशासन से लेकर पूर्व आईपीएस अधिकारी और राज्य स्तर पर ‘टीचर्स ऑफ द मंथ’ से सम्मानित।
कैसे तय हुआ शिक्षिका बनने का सफर?
ऋचा कुमारी की शैक्षणिक यात्रा काफी प्रेरणादायक रही है। उनकी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा सुपौल के आर.बी.बी. गर्ल्स हाई स्कूल से हुई, जिसके बाद उन्होंने एस.एन.एस. महिला कॉलेज, सुपौल से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की।
इसके बाद उन्होंने पटना से डी.एल.एड. (D.El.Ed.) का प्रशिक्षण लिया और केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) उत्तीर्ण की। अपनी लगन और मेहनत के दम पर ऋचा ने पहले ही प्रयास में बीपीएससी टीआरई-1 (BPSC TRE-1) परीक्षा में सफलता हासिल की और अपने गृह जिले सुपौल में शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं।
खेल-खेल में पढ़ाई को बनाया आसान
विद्यालय में ज्वाइन करने के बाद ऋचा ने अपने डी.एल.एड. प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए तरीकों और टीएलएम (TLM) का भरपूर इस्तेमाल किया। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बच्चे पढ़ाई को तनाव या बोझ न समझें, बल्कि खेल-खेल में सहजता से सब कुछ सीख जाएं।
उनके इन प्रयासों का असर तुरंत दिखा—स्कूल में बच्चों की उपस्थिति बढ़ने लगी और वे हर विषय में अधिक रुचि लेने लगे। ऋचा अपनी कक्षा की इन रचनात्मक गतिविधियों के वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा करती हैं, जिससे उनके इस बेहतरीन मॉडल को व्यापक पहचान मिल रही है।
मिले कई प्रतिष्ठित सम्मान
ऋचा कुमारी के उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए उन्हें कई बड़े मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है:
-
5 सितंबर 2024: शिक्षक दिवस के अवसर पर सुपौल के जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित।
-
विशेष सम्मान: हेल्पिंग फाउंडेशन द्वारा आयोजित राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में पूर्व आईपीएस अधिकारी विकास वैभव द्वारा विशेष सम्मान।
-
जुलाई 2025: राज्य सरकार की ओर से ‘टीचर्स ऑफ द मंथ’ के खिताब से नवाजा गया।
-
राज्य स्तर पर प्रतिनिधित्व: उन्हें ‘मिशन निपुण बिहार’ के तहत राज्य स्तर पर सुपौल जिले का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त हुआ।
दूसरों के लिए मिसाल बन रहीं ऋचा
ऋचा कुमारी का मानना है कि नवाचार और सकारात्मक सोच से प्राथमिक शिक्षा के स्तर को पूरी तरह बदला जा सकता है। वे सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों के जरिए अपने प्रयोगों को साझा कर रही हैं, ताकि बिहार और देश के अन्य शिक्षक भी इन तरीकों को अपनाकर बच्चों के भविष्य को और उज्जवल बना सकें।
