Bihar

‘ऐसे ही कीजिए प्रोटेस्ट, कोई दिक्कत नहीं…’, प्रदर्शन के बाद पटना सेंट्रल एसपी का बयान हुआ वायरल

राजधानी पटना में 13 अक्टूबर को AISA (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) द्वारा आहूत राजभवन मार्च और विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। इस प्रदर्शन के बाद पटना के सेंट्रल एसपी चंद्र प्रकाश का एक बयान तेजी से सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने छात्रों और प्रदर्शनकारियों के शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की सराहना की है। पुलिस अधिकारी के इस सकारात्मक रुख की अब हर तरफ चर्चा हो रही है।

शांतिपूर्ण रहा प्रदर्शन, पुलिस ने नहीं किया बल प्रयोग

सेंट्रल एसपी चंद्र प्रकाश ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन की ओर से सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और बैरिकेडिंग की गई थी। एसपी ने साफ किया कि इस पूरे विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की तरफ से किसी भी प्रकार के बल का प्रयोग नहीं किया गया। इसके साथ ही किसी भी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने या किसी बड़े उपद्रव की सूचना नहीं मिली है।

डिटेंशन और ट्रैफिक व्यवस्था पर क्या बोले एसपी?

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने के सवाल पर सेंट्रल एसपी ने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी और बातचीत के जरिए मामलों को सुलझाया गया। उन्होंने बताया कि कुछ ही मिनटों में सभी रास्तों की बैरिकेडिंग हटा दी गई और आम जनता के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य कर दिया गया ताकि शहरवासियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

गांधी मैदान से राजभवन मार्च तक का घटनाक्रम

गौरतलब है कि यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से SIR लेकर आयोजित किया गया था। AISA के बैनर तले छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से जेपी गोलंबर होते हुए मार्च निकाला। इस प्रदर्शन में पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ समेत कई अन्य नेता और छात्र संगठन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस पूरे मार्च की अगुवाई पटना यूनिवर्सिटी में छात्र विंग की नेता और AISA प्रेसिडेंट शबा आरीन ने की।

प्रदर्शन के समापन के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा स्थिति को सूझबूझ और संयम के साथ संभालने के कारण किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सका, जिसकी सराहना पुलिस अधिकारियों द्वारा भी की गई है।

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