बिहार में अपराधियों पर बड़ा एक्शन: 15 दिनों में इतने गिरफ्तार, सोशल मीडिया दुरुपयोग पर 100 FIR
पटना: बिहार में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए बिहार पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। पिछले 15 दिनों के भीतर पुलिस ने राज्यभर में बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान पुलिस टीम पर हमला करने वाले मामलों के साथ-साथ अन्य आपराधिक कांडों में संलिप्त कुल 347 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इस बात की जानकारी बिहार के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) के. एस. अनुपम ने दी है।
ढाई हजार कुर्की-जब्ती और 5000 गवाहियां एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने बताया कि विभिन्न आपराधिक मामलों में फरार चल रहे अपराधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पिछले 15 दिनों में करीब ढाई हजार (2,500) मामलों में कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही, अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए पुलिस पदाधिकारियों की गवाही पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी का नतीजा है कि बीते दो हफ्तों में रिकॉर्ड 5,000 गवाहियां कोर्ट में कराई गई हैं।
पॉक्सो एक्ट के तहत दोषियों को 20 साल तक की सजा गंभीर अपराधों और महिलाओं-बच्चियों से जुड़े मामलों पर बात करते हुए एडीजी ने बताया कि पॉक्सो (POCSO) समेत अन्य संवेदनशील और गंभीर कांडों में पुलिस ने मुस्तैदी से पैरवी की है। इसके चलते न्यायालय की ओर से दोषियों को 20 वर्ष तक की कठोर सजा दिलवाई गई है। थानों के कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए अब पुलिस थानों की ‘रियल टाइम मॉनिटरिंग’ (Real-time Monitoring) भी की जा रही है, ताकि आगे भी पुलिस का कार्य प्रदर्शन बेहतर बना रहे।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर पैनी नजर, 100 के करीब FIR इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने या इसका दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ भी बिहार पुलिस एक्शन मोड में है। के. एस. अनुपम ने बताया कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग के मामलों में लगातार कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 100 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं। इन मामलों में शामिल उपद्रवियों और अपराधियों की गिरफ्तारियां भी लगातार की जा रही हैं।
स्कूल-कॉलेजों में चलेगा जागरूकता अभियान एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने साफ किया कि बिहार पुलिस महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि बच्चों को कानून की सही जानकारी हो और वे एक जिम्मेदार नागरिक बनें, इसके लिए पुलिस जल्द ही एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत पुलिस अधिकारी खुद स्कूल और कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं को कानून की बारीकियों से अवगत कराएंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करना, उनके भविष्य को बेहतर बनाना और समाज में महिलाओं व बच्चियों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
