बिहार के 5.75 लाख शिक्षकों के लिए बड़ी खबर: शिक्षा विभाग ने जारी किया ट्रांसफर-पोस्टिंग का शेड्यूल
Khabar Point, Patna: बिहार के करीब पौने छह लाख सरकारी शिक्षकों के लिए राहत और बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से शिक्षकों के ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर बनी असमंजस की स्थिति अब पूरी तरह से समाप्त हो गई है। बिहार शिक्षा विभाग ने आधिकारिक रूप से तबादला नीति को लेकर विस्तृत नोटिस और शेड्यूल जारी कर दिया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को यह एक बड़ी सौगात मानी जा रही है, क्योंकि पूर्व में जून महीने या गर्मी की छुट्टियों के बाद ही तबादले होने की उम्मीद जताई जा रही थी, जो किन्हीं कारणों से टल गई थी। अब विभाग ने पूरी समय-सीमा तय कर दी है।
इस नई नीति के तहत बिहार में शिक्षकों के तबादले की पूरी प्रक्रिया आगामी 29 जुलाई से शुरू होकर 31 अक्टूबर के बीच संपन्न करा ली जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस पूरी कवायद को पारदर्शी बनाने और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए इसे कुल तीन चरणों (Phases) में विभाजित किया है।
ऐच्छिक और म्यूचुअल ट्रांसफर को प्राथमिकता
इस बार की तबादला नीति में शिक्षकों की सहूलियत का विशेष ध्यान रखा गया है। विभाग की ओर से साफ किया गया है कि यह कोई प्रशासनिक या जबरन थोपा गया तबादला नहीं होगा, बल्कि इच्छुक शिक्षकों के लिए यह पूरी तरह से ऐच्छिक (वॉलंटरी) होगा। जो शिक्षक लंबे समय से अपने गृह जिले या पसंदीदा क्षेत्र में जाने का इंतजार कर रहे थे, वे अपनी मर्जी से आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा, शिक्षक दंपत्तियों (पति-पत्नी) के लिए पारस्परिक स्थानांतरण (म्यूचुअल ट्रांसफर) की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि वे एक ही जिले या प्रमंडल में रहकर अपनी सेवाएं दे सकें। गौरतलब है कि बीते 24 जून को राज्य कैबिनेट ने इस नई तबादला नीति को अपनी हरी झंडी दी थी।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी तीन चरणों का विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
पहला चरण: ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत
तबादला प्रक्रिया के पहले चरण में समायोजन और पारस्परिक स्थानांतरण (म्यूचुअल ट्रांसफर) के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग का ऑनलाइन पोर्टल आगामी 29 जुलाई को खोल दिया जाएगा। इच्छुक शिक्षक 5 अगस्त तक इस पोर्टल पर जाकर अपने स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे।
दूसरा चरण: जिलावार समीक्षा और म्यूचुअल ट्रांसफर का निष्पादन
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद दूसरा चरण शुरू होगा, जो मुख्य रूप से समीक्षा और म्यूचुअल ट्रांसफर पर केंद्रित रहेगा।
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7 अगस्त से 9 सितंबर: इस अवधि के दौरान जिला और प्रमंडल स्तर पर राज्य स्थापना समिति की महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसमें स्कूलों की जरूरत के हिसाब से पदों का रैशनलाइजेशन (समान समायोजन) किया जाएगा और इसका प्रकाशन होगा। साथ ही, अगर किसी शिक्षक को प्रक्रिया से जुड़ी कोई आपत्ति होगी, तो उन अपीलों का निष्पादन भी इसी दौरान किया जाएगा।
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10 से 14 सितंबर: यह पांच दिन का समय विशेष रूप से पारस्परिक स्थानांतरण (Mutual Transfer) के मामलों को अंतिम रूप देने के लिए तय किया गया है। जिला, प्रमंडल और राज्य समिति द्वारा आपसी सहमति से ट्रांसफर चाहने वाले शिक्षकों के आवेदनों का निपटारा कर उन्हें राहत दी जाएगी।
तीसरा चरण: सामान्य स्थानांतरण और अंतिम सूची
यह चरण सामान्य तबादलों (General Transfer) के लिए होगा, जिसमें वरीयता के आधार पर शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे।
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16 सितंबर: शिक्षा विभाग द्वारा राज्य भर के विद्यालयों में खाली पदों (रिक्तियों) की सूची और समायोजन का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा, जिससे शिक्षकों को पता चल सके कि किस स्कूल में कितनी जगह खाली है।
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17 से 23 सितंबर: इस एक हफ्ते के दौरान शिक्षकों को अपनी वरीयता (सीनियरिटी) के आधार पर मनपसंद स्कूलों के विकल्पों (Options) का चयन करने का मौका मिलेगा।
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24 सितंबर से 31 अक्टूबर: यह तबादला प्रक्रिया का अंतिम पड़ाव होगा। इस अवधि में विभाग द्वारा जनरल ट्रांसफर की फाइनल लिस्ट का प्रकाशन कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, बचे हुए सभी अपीलों और दावों का पूरी तरह से निपटारा करते हुए 31 अक्टूबर तक इस पूरी महा-प्रक्रिया को संपन्न करा लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग इस पूरी प्रक्रिया को युद्ध स्तर पर पूरा करने की तैयारी में जुट गया है, जिससे आने वाले दिनों में बिहार की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
