Bihar

बिहार में तबाही की आहट: गंडक में 3 मीटर ऊंची फ्लैश फ्लड की आशंका, बिहार के 8+ जिले हाई अलर्ट पर

नेपाल के ऊपरी गंडक कैचमेंट एरिया (Upstream Catchment Area) में अचानक हुए बादलों के फटने और भारी बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और जल संसाधन विभाग के अनुसार, गंडक नदी में करीब 3 मीटर (लगभग 10 फीट) ऊंची ‘फ्लैश फ्लड वेव’ (Flash Flood Wave) आने की प्रबल आशंका बनी हुई है। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने राज्य के गंडक बेसिन से सटे जिलों में आपात स्थिति की घोषणा करते हुए हाई अलर्ट जारी कर दिया है।

अचानक क्यों बढ़ रहा है गंडक का जलस्तर?

गंडक नदी का मुख्य जलस्रोत (Catchment Area) नेपाल के मध्य और उत्तरी पहाड़ी इलाकों में स्थित है। इस क्षेत्र में अचानक जलस्तर बढ़ने के दो मुख्य वैज्ञानिक और भौगोलिक कारण हैं:

  • मूसलाधार बारिश और क्लाउडबर्स्ट: नेपाल के अन्नपूर्णा और धौलागिरी श्रेणी वाले ऊपरी क्षेत्रों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है, जिससे पहाड़ों का पानी सीधे गंडक (नेपाल में नारायणी नदी) की सहायक नदियों में तेजी से बहकर आ रहा है।

  • स्टीप स्लोप (तीव्र ढलान): पहाड़ों से मैदानी इलाकों की ओर बहते समय नदी का ढलान काफी तेज होता है। जब नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में भारी जलप्रवाह होता है, तो वह पानी बिना किसी रुकावट के तीव्र गति से नीचे आता है। यही वजह है कि नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने की जगह 3 मीटर ऊंची पानी की दीवार (Flash Flood Wave) जैसा दबाव बनता है, जो कुछ ही घंटों में भारत-नेपाल सीमा (वाल्मीकिनगर बैराज) तक पहुँच जाता है।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को स्थिति पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं।

अलर्ट पर ये प्रमुख जिले

  • अत्यधिक संवेदनशील: पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली।

  • विशेष निगरानी वाले जिले: सीतामढ़ी, शिवहर और आसपास के निचले इलाके।

जमीन पर राहत और बचाव की तैयारी

  • NDRF और SDRF की तैनाती: गोपालगंज में NDRF की एक टीम तुरंत रवाना कर दी गई है। मुजफ्फरपुर में एक टीम को स्टैंडबाय रखा गया है, जबकि बेतिया (पश्चिमी चंपारण) में 2 घंटे के भीतर तैनाती की प्रक्रिया जारी है।

  • सुरक्षा बलों की मदद: सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी अलर्ट पर रखा गया है।

  • इवाकुएशन और शेल्टर: तटबंधों के अंदर और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने के लिए ‘इवाकुएशन प्लान’ तैयार है। पर्याप्त संख्या में नावें, राहत शिविर (Shelter Homes) और कम्युनिटी किचन (सामुदायिक रसोई) चालू करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • तटबंध और बैराज पर नजर: वाल्मीकिनगर में गंडक बैराज के सभी गेटों के सही संचालन और मुख्य तटबंधों की 24×7 गश्ती सुनिश्चित की जा रही है।

अफवाहों पर रोक और सरकारी अपील

राज्य सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क और सावधान रहें। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक खबरों पर पैनी नजर रखी जा रही है। प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी प्रभावित जिलों के डीएम को प्रतिदिन मीडिया ब्रीफिंग करने का निर्देश दिया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *