नीतीश कुमार का बड़ा दांव: खासमखास हरेंद्र को नागरिक परिषद में अहम पद, राजपूत समीकरण भी साधा
बिहार सरकार ने ‘बिहार राज्य नागरिक परिषद’ का पुनर्गठन कर दिया है। इस नए गठन के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने करीबियों और वफादारों को अहम जिम्मेदारियां देकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है। मुख्यमंत्री के बेहद करीबी माने जाने वाले हरेंद्र बहादुर सिंह को परिषद का महासचिव बनाया गया है, वहीं सीवान की पूर्व सांसद कविता सिंह के पति डॉ. अजय कुमार सिंह को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नीतीश के परछाई बने हरेंद्र को मिली बड़ी जिम्मेदारी
पिछले कुछ समय से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हर कार्यक्रम और यात्रा में साये की तरह दिखने वाले हरेंद्र बहादुर सिंह को आखिरकार बड़ा इनाम मिल गया है। हरेंद्र को परिषद में महासचिव का पद दिया गया है। पहले चर्चा थी कि उन्हें एमएलसी या किसी अन्य पद पर सेट किया जाएगा, लेकिन नागरिक परिषद में महासचिव बनाकर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
पूर्व सांसद के पति अजय सिंह बने उपाध्यक्ष
परिषद में उपाध्यक्ष पद की कमान सीवान की पूर्व जदयू सांसद कविता सिंह के पति डॉ. अजय कुमार सिंह को सौंपी गई है। अजय कुमार सिंह लगातार पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहे हैं और जब आनंद मोहन का प्रकरण चल रहा था, तब भी वे शीर्ष नेतृत्व के समर्थन में खुलकर सामने आए थे।
राजनीतिक और सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
नागरिक परिषद के इस पुनर्गठन को जदयू द्वारा सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। पिछले दिनों परिषद को भंग किए जाने और छोटू सिंह को पार्टी से बाहर किए जाने के बाद से यह पद खाली था। डॉ. अजय कुमार सिंह को उपाध्यक्ष बनाकर जदयू ने राजपूत समाज को साधने और यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी में हर समाज का सम्मान बरकरार है।
पटना से अनिकेत पाठक की रिपोर्ट
