Bihar

बिहार में छात्र आंदोलन हुआ तेज: 24 तक अल्टीमेटम, 25 अगस्त को CM आवास घेराव का खुला ऐलान

पटना। बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता, पेपर लीक और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। राजधानी पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी 15 सूत्रीय मांगों के समर्थन में सैकड़ों प्रतियोगी छात्र आंदोलनरत हैं। छात्र नेता अमन यादव और कई आंदोलनकारी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। अनशन के पांचवें दिन छात्रों ने सरकार के खिलाफ अपना रुख और सख्त करते हुए 24 तारीख की आधी रात तक का अल्टीमेटम जारी किया है।

छात्रों का स्पष्ट कहना है कि यदि 24 तारीख की रात 12 बजे तक सरकार ने उनकी 15 सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो 25 अगस्त को गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से हजारों छात्र मुख्यमंत्री आवास और बिहार विधानसभा घेराव के लिए कुछ करेंगे।

तेजस्वी यादव और पप्पू यादव पहुंचे गर्दनीबाग

छात्र आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए राजनीतिक हलचल भी बढ़ गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने धरना स्थल पहुंचकर अनशनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी सभी मांगों को जायज ठहराया। तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे पर पटना के जिलाधिकारी (DM) से फोन पर वार्ता कर धरना स्थल पर पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

वहीं, सांसद पप्पू यादव की अगुवाई में एक छात्र प्रतिनिधिमंडल ने बिहार के राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। हालांकि छात्रों का कहना है कि वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे, उन्हें धरातल पर ठोस कार्रवाई चाहिए।

15 सूत्रीय मांगें: निष्पक्षता और कैलेंडर की मांग

आंदोलनकारी छात्रों की मुख्य मांगें राज्य में भर्ती तंत्र की खामियों को दूर करने से जुड़ी हैं:

  1. 17वीं BPSC और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता: 70वीं BPSC सहित हाल की कई भर्ती प्रक्रियाओं में धांधली और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए छात्रों ने निष्पक्ष जांच (CBI/EOW) की मांग की है।

  2. हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों के साथ न्याय: अभ्यर्थियों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया के पैटर्न में लगातार बदलाव कर हिंदी भाषी छात्रों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।

  3. वार्षिक परीक्षा कैलेंडर: राज्य में बीपीएससी और बीपीएसएससी (BPSSC) की लंबित भर्तियों को समयबद्ध पूरा करने के लिए एक फिक्स्ड वार्षिक कैलेंडर जारी करने और उसका कड़ाई से पालन करने की मांग की गई है।

  4. जिम्मेदारों पर कार्रवाई: आंदोलनकारियों ने संबंधित आयोगों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों एवं शिक्षा विभाग के स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग रखी है।

“गांधीवादी रास्ते से मांगेंगे हक” – अमन यादव

भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता अमन यादव ने कहा कि लगातार पुलिसिया कार्रवाई और मुकदमों के बाद अब छात्रों के पास सत्याग्रह और आमरण अनशन ही एकमात्र रास्ता बचा है। उन्होंने कहा कि सरकार भले ही दमनकारी नीतियां अपनाए, लेकिन छात्र अब पीछे नहीं हटने वाले हैं। यदि 24 तारीख तक सरकार ने कोई सुध नहीं ली, तो 25 तारीख को पटना की धरती पर एक नई छात्र क्रांति देखने को मिलेगी।

प्रशासनिक उपेक्षा पर नाराजगी

अनशन पर बैठे छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि धरना स्थल पर बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य बिगड़ने के बावजूद पर्याप्त मेडिकल टीमें उपलब्ध नहीं कराई गईं। छात्रों ने चेताया है कि यदि अनशनकारियों के स्वास्थ्य के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और संबंधित प्रशासन की होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *