भरत तिवारी हत्याकांड: परिजनों ने प्रशांत किशोर के खिलाफ कोर्ट जाने का दिया अल्टीमेटम
चर्चित भरत तिवारी मामले में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मृतक भरत तिवारी के परिजनों ने प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगाते हुए 15 दिनों के भीतर सबूत पेश करने या फिर कानूनी कार्रवाई (मानहानि के केस) का सामना करने का अल्टीमेटम दिया है।
₹50 लाख मिलने के दावे को बताया झूठा
भरत तिवारी के छोटे भाई चंदन तिवारी ने कहा कि प्रशांत किशोर द्वारा परिवार को सरकार की ओर से 50 लाख रुपये मिलने का दावा पूरी तरह से निराधार और गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें सरकार या प्रशासन की तरफ से ₹1 का भी अनुदान या सहायता राशि नहीं मिली है। चंदन तिवारी ने कहा कि अगर प्रशांत किशोर इस दावे का साक्ष्य (सबूत) प्रस्तुत नहीं करते हैं, तो परिवार उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएगा।
पीके पर वादाखिलाफी और दबाव बनाने का आरोप
मामले में परिजनों का समर्थन कर रहीं प्रतिनिधियों का कहना है कि पीड़ित परिवार पहले से ही जवान बेटे को खोने के गम से जूझ रहा है, ऐसे में इस तरह के झूठे आरोप लगाकर परिवार पर दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशांत किशोर ने परिजनों से मुलाकात के दौरान वादा किया था कि यदि 15 दिनों में इंसाफ नहीं मिला तो वे सरकार और मंत्रियों का घेराव करेंगे। लेकिन इसके विपरीत, घटना के बाद जन सुराज के लोगों ने परिजनों के फोन तक उठाने बंद कर दिए और उल्टे भ्रामक बयानबाजी की जा रही है।
परिजनों ने साफ कर दिया है कि अगर प्रशांत किशोर अपने बयान का प्रमाण नहीं देते हैं, तो उन्हें अदालत में इसका जवाब देना पड़ेगा।
