भरत तिवारी हत्याकांड: फॉरेंसिक व बैलिस्टिक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, 5 अलग-अलग हथियारों से चली थी गोली
चर्चित भरत तिवारी हत्याकांड में जांच रिपोर्ट (फॉरेंसिक, बैलिस्टिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट) के बाद कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के आधार पर दावा किया जा रहा है कि यह कोई एनकाउंटर नहीं, बल्कि पूरी तरह से साजिश रचकर की गई हत्या थी।
पोस्टमार्टम और बैलिस्टिक रिपोर्ट में खुलासा
रिपोर्ट्स के अनुसार, भरत तिवारी को कुल 5 गोलियां मारी गई थीं। शुरुआत में 3 गोलियां कुछ दूरी से मारी गईं, जब पुलिस अधिकारियों ने उन्हें पकड़ा हुआ था। इसके ठीक 15 मिनट बाद गाड़ी के अंदर ले जाकर बेहद करीब से सटाकर 2 और गोलियां मारी गईं।
बैलिस्टिक जांच से स्पष्ट हुआ है कि घटना में 5 अलग-अलग हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। इनमें डीएसपी और थानाध्यक्ष (SHO) स्तर के अधिकारियों के रिवॉल्वर भी शामिल हैं।
साजिश और अधिकारियों की संलिप्तता
जांच में यह बात सामने आई है कि 1400 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और शिकायत से जुड़े मामले को दबाने के उद्देश्य से यह साजिश रची गई थी। एसटीएफ को गलत और भ्रामक जानकारी देकर मौके पर बुलाया गया था। इस मामले में पुलिसकर्मियों, डीएसपी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन, वीडियो क्लिप्स और चश्मदीदों के बयान जैसे पुख्ता साक्ष्य मिले हैं।
परिजनों की मांग और सरकार का आश्वासन
मामले को लेकर परिजनों ने हाल ही में मुख्यमंत्री और आला अधिकारियों से मुलाकात की है। शासन की ओर से निष्पक्ष जांच और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया है। परिजनों का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और डिजिटल साक्ष्य के आधार पर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
