JDU से निष्कासित छोटू सिंह ने बंद कमरे में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से की मुलाकात, आएंगे वापस ?
पटना (खबर पॉइंट): बिहार के सियासी गलियारे से इस वक्त की एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। जेडीयू पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखाए गए नेता छोटू सिंह आज अचानक जेडीयू कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से बंद कमरे में मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद से ही पटना की राजनीतिक हवाएं तेज हो गई हैं और कयासों का बाजार गर्म हो गया है।
बंद कमरे में 5 से 10 मिनट तक चली गुप्त गुफ्तगू
मिली जानकारी के मुताबिक, जेडीयू कार्यालय के भीतर एक कमरे में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और हाल ही में निष्कासित किए गए नेता छोटू सिंह के बीच करीब 5 से 10 मिनट तक गुप्त बातचीत हुई। बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के दौरान वहां कोई तीसरा व्यक्ति मौजूद नहीं था। जैसे ही इस सीक्रेट मीटिंग की भनक लगी, जेडीयू कार्यालय के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया।
अलग-अलग समय पर निकले दोनों नेता, मीडिया के सवालों से बनाई दूरी
मुलाकात खत्म होने के बाद दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज भी काफी कुछ बयां कर रही थी। सबसे पहले छोटू सिंह जेडीयू कार्यालय से बाहर निकले और तेजी से रवाना हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि निशांत कुमार से मुलाकात होते रहती है। मैं नीतीश कुमार हनुमान हूं।
उनके जाने के कुछ ही देर बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार भी कमरे से बाहर आए। दफ्तर के बाहर खड़ी मीडिया ने जब मंत्री निशांत कुमार को घेरकर इस औचक मुलाकात की वजह जाननी चाही, तो उन्होंने पूरी तरह चुप्पी साध ली। निशांत कुमार बिना कोई बयान दिए और बिना मीडिया से बात किए सीधे अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से रवाना हो गए।
आखिर क्यों खास है यह मुलाकात?
गौरतलब है कि पिछले दिनों ही जेडीयू ने कड़ा एक्शन लेते हुए छोटू सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के बाद 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था। निष्कासन के महज कुछ ही दिनों बाद, जेडीयू कार्यालय के भीतर ही पार्टी के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री निशांत कुमार के साथ उनकी इस बंद कमरे वाली बैठक ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
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क्या छोटू सिंह की घर वापसी की बिसात बिछ रही है?
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क्या पार्टी के भीतर कोई गुट अब भी छोटू सिंह के समर्थन में लॉबिंग कर रहा है?
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क्या यह सिर्फ एक सामान्य मुलाकात थी या इसके पीछे कोई बड़ा सियासी उलटफेर छिपा है?
फिलहाल इस मुलाकात को लेकर न तो जेडीयू की तरफ से और न ही स्वास्थ्य मंत्री की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण आया है। लेकिन निष्कासित नेता और सरकार के रसूखदार मंत्री के बीच हुई इस ‘सीक्रेट मीटिंग’ ने जेडीयू के भीतर की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है।
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