क्या रद्द होगी बिहार दरोगा परीक्षा? गांधी मैदान में दौड़ रहे अभ्यर्थियों ने सम्राट चौधरी से लगाई गुहार
पटना: बिहार दरोगा भर्ती परीक्षा को लेकर एक तरफ जहां परीक्षा रद्द कराने की मांग तेज हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पीटी और मेंस (PT & Mains) परीक्षा पास कर शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test) की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों ने मोर्चा खोल दिया है। पिछले तीन महीनों से गांधी मैदान और चाणक्य फिजिकल एकेडमी में पसीना बहा रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि किसी भी कीमत पर यह परीक्षा रद्द नहीं होनी चाहिए।
अभ्यर्थियों ने उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार से मांग की है कि जांच एजेंसियां (EOU) अपना काम निष्पक्षता से करें, लेकिन जो छात्र अपनी कड़ी मेहनत से मेरिट के बल पर यहां तक पहुंचे हैं, उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ न किया जाए।
“जांच हो, पर रद्द करना कोई समाधान नहीं”
गांधी मैदान में अभ्यास कर रहे सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और पटना हाईकोर्ट जो भी जांच कर रही है, वे उसका पूरा समर्थन करते हैं। उनका मानना है कि जिन लोगों ने गड़बड़ी या सेटिंग के जरिए परीक्षा पास करने की कोशिश की है, उन्हें चुन-चुनकर बाहर निकाला जाए। लेकिन पूरी परीक्षा रद्द कर देना उन हजारों अभ्यर्थियों के साथ सरासर अन्याय होगा जो दिन-रात एक करके पढ़ाई और दौड़ की तैयारी कर रहे हैं।
“कोचिंग और स्वघोषित नेताओं का अपना एजेंडा”
अभ्यर्थियों का आरोप है कि कुछ तथाकथित छात्र नेता और कोचिंग संस्थान अपना कोर्स, किताबें और यूट्यूब व्यूज बेचने के लिए आंदोलन को हवा दे रहे हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि जो लोग परीक्षा में असफल हो गए हैं, वही लोग अब रद्द करने की रट लगा रहे हैं। “28-30 लाख रुपये में सेटिंग” के आरोपों का जवाब देते हुए अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर किसी के पास इतने पैसे होते, तो वह तपती धूप में ग्राउंड पर 8-8 घंटे पसीना नहीं बहा रहा होता।
मेंटली और फिजिकली टूट रहे छात्र
अभ्यर्थियों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि लगातार 3-4 महीनों से दौड़ने के कारण वे शारीरिक चोटों (Shin Pain, Ankle Pain) से जूझ रहे हैं। कई छात्राएं आईजीआईएमएस (IGIMS) से इलाज करवाकर भी ग्राउंड पर आ रही हैं। घर-परिवार की ओर से भी लगातार शारीरिक परीक्षा (PET) की तारीख को लेकर दबाव बना हुआ है।
छात्रों ने सरकार और आयोग से अपील की है कि जल्द से जल्द शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Date) की तिथि घोषित की जाए ताकि वर्षों की मेहनत बेकार न जाए।
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