Bihar Panchayati Raj Transfer Scam: मंत्री दीपक प्रकाश का एक्शन, ट्रांसफर में फर्जीवाड़े का खुलासा
बिहार सरकार के पंचायती राज विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। विभाग के नवनियुक्त मंत्री दीपक प्रकाश ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा किया है।
हाल ही में विभाग द्वारा लगभग 2200 में से 1600 पंचायत सचिवों का तबादला किया गया था। इस प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही और गड़बड़ी तब सामने आई जब यह पता चला कि तबादले की सूची में ऐसे पंचायत सचिवों के नाम भी शामिल हैं जो या तो सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) हो चुके हैं या फिर इस दुनिया में ही नहीं हैं (मृत हैं)। मीडिया में यह खबर सामने आने के बाद मंत्री दीपक प्रकाश ने तत्काल इस मामले की जांच के आदेश दिए।
जांच के दौरान अररिया, नवादा और नालंदा—इन तीन जिलों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां पाई गईं। रिपोर्ट सामने आने के बाद मंत्री ने इसे गंभीरता से लिया और विभागीय सचिव तथा संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके तहत तीन जिला पंचायत पदाधिकारियों और दो सेक्शन अधिकारियों समेत कुल पांच अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र (चार्शीट) गठित करने के आदेश दिए गए हैं।
शुरुआत में मंत्री को इस बात पर यकीन नहीं हुआ था और उन्होंने इसे अफवाह माना था, लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही और फर्जीवाड़े को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
